मध्य प्रदेश सरकार ने आगामी चार वर्षों (2025–2029) में राज्य में 20 लाख नई नौकरियों सृजित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। यह लक्ष्य विभिन्न क्षेत्रों—सरकारी, निजी, आउटसोर्सिंग और विभागीय स्तर पर—रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए निर्धारित किया गया है।
🔹 सरकारी क्षेत्र में रोजगार
राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने और नई योजनाओं के तहत रोजगार सृजन की योजना बनाई है
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- शिक्षा विभाग:शासकीय स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए लगभग 50,000 पद सृजित किए जाएंगे
- स्वास्थ्य विभाग:नए अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 30,000 से अधिक पदों की योजना है, जिसमें डॉक्टर, नर्स, और तकनीकी स्टाफ शामिल हैं
- पुलिस विभाग:कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 25,000 पुलिस कर्मियों की भर्ती प्रस्तावित है
- अन्य विभाग:कृषि, राजस्व, और सामाजिक कल्याण विभागों में भी 40,000 से अधिक पदों पर भर्ती की योजना है।इस प्रकार, सरकारी क्षेत्र में कुल मिलाकर लगभग 1.5 लाख से 2 लाख नई नौकरियों के अवसर सृजित किए जाएंगे
🔹 निजी क्षेत्र में रोजगार
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मध्य प्रदेश की इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी 2025 के तहत निजी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित किया गया है।
- ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के दौरान, राज्य ने ₹8.616 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए हैं, जिससे लगभग 6 लाख नई नौकरियों के अवसर सृजित होने की संभावना है ।
प्रमुख क्षेत्रों में रोजगार सृजन की योजना ह:
- टेक्सटाइल और परिधान लगभग *1.5 लाख नौकरियां।
- इलेक्ट्रिक वाहन और ऑटोमोबाइल लगभग *1 लाख नौकरियां।
- फार्मास्यूटिकल्स और मेडिकल डिवाइसेस लगभग *80,000 नौकरियां।
- आईटी और बीपीओ लगभग *70,000 नौकरियां।
- पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी लगभग *50,000 नौकरियां।
- अन्य क्षेत्रों लगभग *1.5 लाख नौकरियां।इस प्रकार, निजी क्षेत्र में कुल मिलाकर लगभग 6 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर सृजित किए जायेंगे
🔹 आउटसोर्सिंग और संविदा आधारित रोजगार
राज्य सरकार विभिन्न विभागों में सेवाओं के लिए आउटसोर्सिंग और संविदा आधारित नियुक्तियों को बढ़ावा दे रही है ।
- *स्वास्थ्य सेवाएं: पैरामेडिकल स्टाफ, लैब तकनीशियन, और अन्य सहायक कर्मचारियों की नियुक्ति
- *शिक्षा सेवाएं: गेस्ट फैकल्टी और कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति
- *आईटी और प्रशासनिक सेवाएं: डेटा एंट्री ऑपरेटर, MIS एक्सपर्ट, और अन्य तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति
इन क्षेत्रों में कुल मिलाकर लगभग 1 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर सृजित किए जाएं ।
विभागवार रोजगार सृजन
राज्य सरकार विभिन्न विभागों के माध्यम से रोजगार सृजन की योजना बना रहीहै:
- *कौशल विकास विभाग: मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना’ और ‘मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना’ के तहत युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के योग्य बनाया जागा।
- *सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) विभाग: MSME नीति 2025 के तहत लगभग 86 लाख लोगों को रोजगार देने की योजना है ।
- *कृषि और ग्रामीण विकास विभाग: कृषि आधारित उद्योगों और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन किया जागा।
- *पर्यटन विभाग: पर्यटन स्थलों के विकास और प्रचार-प्रसार के माध्यम से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएगे।
Mp govt focus on jobs
मध्य प्रदेश सरकार का उद्देश्य आगामी चार वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में 20 लाख से अधिक नौकरियों का सृजन करना है यह लक्ष्य सरकारी, निजी, आउटसोर्सिंग, और विभागीय स्तर पर योजनाबद्ध तरीके से रोजगार के अवसर बढ़ाकर प्राप्त किया जाए।इन पहलों से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं को व्यापक रोजगार अवसर प्राप्त होगें
निजी क्षेत्र: 20 लाख रोजगार का लक्ष्य
‘इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी 2025’ के तहत राज्य सरकार ने अगले 5 वर्षों में 20 लाख नई नौकरियाँ सृजित करने का लक्ष्य रखा है। इस योजना में कृषि, डेयरी, वस्त्र, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा, बायोटेक, इलेक्ट्रिक वाहन, मेडिकल डिवाइसेज़, और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित किया गया है ।
प्रमुख क्षेत्रवार रोजगार लक्ष्य:
- आईटी और आईटीईएस: 93,000 नौकरियाँ (₹5,500 करोड़ निवेश)।
- ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC): 40,500 नौकरियाँ (₹700 करोड़ निवेश)।
- इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग: 14,000 नौकरियाँ (₹12,350 करोड़ निवेश)।
- ड्रोन टेक्नोलॉजी: 30,000 नौकरियाँ (₹180 करोड़ निवेश)।
- एनिमेशन, गेमिंग और वीएफएक्स: 3,000 नौकरियाँ (₹110 करोड़ निवेश)।
कुल मिलाकर, 35 तकनीकी कंपनियों ने ₹25,640 करोड़ के निवेश से 1.83 लाख नौकरियाँ सृजित करने की प्रतिबद्धता जताई है ।
आउटसोर्सिंग: कर्मचारियों के लिए नए निर्देश
राज्य सरकार ने 1 जनवरी 2025 से आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नए निर्देश लागू किए हैं, जिनमें बेहतर वेतन, बीमा लाभ, कार्य सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ शामिल हैं। इन निर्देशों के तहत कर्मचारियों को 48 घंटे/सप्ताह कार्य करना होगा और उन्हें चिकित्सा लाभ भी प्रदान किया जाएगा ।
विभागवार रोजगार सृजन
राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों में रोजगार सृजन के लिए विशेष योजनाएँ बनाई हैं:
- कृषि और खाद्य प्रसंस्करण: कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन और प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
- वस्त्र और परिधान: नए कारखानों की स्थापना से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन होगा।
- फार्मास्यूटिकल्स और बायोटेक्नोलॉजी: उद्योगों की स्थापना से उच्च कौशल वाले रोजगार उपलब्ध होंगे।
- नवीकरणीय ऊर्जा: सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं से तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों प्रकार के रोजगार सृजित होंगे।
target 4 years
मध्य प्रदेश सरकार ने आगामी 4 वर्षों में रोजगार सृजन के लिए व्यापक योजनाएँ बनाई हैं, जिनमें सरकारी, निजी, आउटसोर्सिंग और विभागीय स्तर पर नौकरियों के अवसर शामिल हैं।
मध्य प्रदेश में आगामी वर्षों में नौकरियों पर सरकार का विशेष फोकस ( mp govt special focus on jobs in next upcoming years