मध्य प्रदेश के 50 पर्यटक स्थल की जानकारी

मध्य प्रदेश के प्रमुख 50 पर्यटन स्थलों की विस्तृत जानकारी


मध्य प्रदेश के प्रमुख 50 पर्यटन स्थल: सम्पूर्ण जानकारी

मध्य प्रदेश, जिसे भारत का हृदय कहा जाता है, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक दृष्टिकोण से अत्यंत समृद्ध राज्य है। यहाँ के पर्यटन स्थल न केवल भारतवर्ष में, बल्कि पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के प्रमुख 50 पर्यटन स्थलों के बारे में विस्तृत जानकारी:


1. खजुराहो

विश्व धरोहर स्थल, यह मंदिर अपनी वास्तुकला और शिल्पकला के लिए प्रसिद्ध हैं। यहाँ हिंदू और जैन मंदिर मिलते हैं।

2. सांची

सांची का स्तूप बौद्ध धर्म से संबंधित है, जिसे सम्राट अशोक ने बनवाया था। यह भी यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है।

3. भीमबेटका

यहाँ की गुफाओं में प्रागैतिहासिक चित्र हैं, जो मानव सभ्यता की आरंभिक झलक दिखाते हैं।

4. उज्जैन

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के लिए प्रसिद्ध उज्जैन, हिन्दू धर्म का पवित्र तीर्थस्थल है। यहाँ कुंभ मेला भी लगता है।

5. ओरछा

बेतवा नदी के किनारे बसा ओरछा अपने किलों, मंदिरों और महलों के लिए जाना जाता है।

6. ग्वालियर

ग्वालियर किला, संगीत सम्राट तानसेन की समाधि और कई ऐतिहासिक स्मारकों का शहर है।

7. भोपाल

राजधानी होने के साथ-साथ यहाँ की बड़ी झील, ताजुल मस्जिद, मानव संग्रहालय और भीमबेटका की निकटता इसे पर्यटन स्थल बनाती है।

8. इंदौर

खाने-पीने के लिए प्रसिद्ध, इंदौर में राजवाड़ा, लालबाग पैलेस और खजराना गणेश मंदिर प्रमुख हैं।

9. मंडू

प्रेम कहानी बाज बहादुर और रानी रूपमती की नगरी, जहाँ जहाज महल, हिंडोला महल देखने योग्य हैं।

10. पचमढ़ी

मध्य प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन, जहाँ अप्सरा विहार, बी फॉल्स, जटाशंकर मंदिर प्रमुख आकर्षण हैं।


धार्मिक पर्यटन स्थल

11. ओंकारेश्वर।

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नर्मदा नदी के द्वीप पर स्थित ओंकारेश्वर एक ज्योतिर्लिंग है।

12. अमरकंटक

नर्मदा, सोन और जोहिला नदियों का उद्गम स्थल; यहाँ नर्मदा कुंड और कपिलधारा जलप्रपात प्रसिद्ध हैं।

13. चित्रकूट

रामायण से जुड़ा यह स्थल भगवान श्रीराम के वनवास के समय का प्रमुख पड़ाव है।

14. महेश्वर

घाटों और मंदिरों के लिए प्रसिद्ध, यह शहर देवी अहिल्याबाई होल्कर से जुड़ा है।

15. बुरहानपुर

मुगल कालीन धरोहरों और दरगाहों के लिए जाना जाता है।


वन्यजीव अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान

16. कान्हा राष्ट्रीय उद्यान

यहाँ बाघ, बारहसिंगा और विभिन्न प्रकार के पक्षी देखने को मिलते हैं।

17. बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान

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बाघों की अधिकता के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ बंधवगढ़ किला भी दर्शनीय है।

18. पेंच राष्ट्रीय उद्यान

रुडयार्ड किपलिंग की “जंगल बुक” की प्रेरणा यही से मिली थी।

19. सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान

पचमढ़ी के आसपास स्थित, यहाँ ट्रैकिंग और जंगल सफारी का आनंद लिया जा सकता है।

20. पन्ना राष्ट्रीय उद्यान

हीरे की खानों के अलावा यहाँ बाघ, तेंदुआ और मगरमच्छ भी पाए जाते हैं।


ऐतिहासिक व सांस्कृतिक स्थल

21. विदिशा

प्राचीन बौद्ध स्थल, हेलिओडोरस का स्तंभ और उदयगिरी की गुफाएँ दर्शनीय हैं।

22. रायसेन किला

मध्यकालीन स्थापत्य का उदाहरण, यह किला ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

23. जबलपुर

यहाँ भेड़ाघाट का संगमरमर घाट, धुआंधार जलप्रपात और मदन महल किला प्रसिद्ध हैं।

24. रीवा

रीवा किला, गोविंदगढ़ झील और सफेद बाघों के लिए जाना जाता है।

25. सीधी

यहाँ की संजय टाइगर रिजर्व बाघ संरक्षण क्षेत्र के अंतर्गत आती है।


प्राकृतिक स्थल

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26. भेड़ाघाट

नर्मदा नदी के किनारे संगमरमर की चट्टानों के बीच बहता झरना अत्यंत सुंदर दृश्य प्रस्तुत करता है।

27. धुआंधार जलप्रपात

भेड़ाघाट के पास स्थित, इस जलप्रपात का दृश्य अत्यंत मनमोहक होता है।

28. काली सरोवर

पचमढ़ी के पास स्थित यह प्राकृतिक झील सुंदरता में बेजोड़ है।

29. तवा डैम

सतपुड़ा की पहाड़ियों में बना यह जलाशय नाव विहार के लिए लोकप्रिय है।

30. शहडोल के जलप्रपात

जैसे कि बीछिया फॉल्स, प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध हैं।


अन्य दर्शनीय स्थल

31. खांडवा

फिल्म गायक किशोर कुमार का जन्मस्थान, धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से समृद्ध।

32. मुरैना

बीहड़ क्षेत्र और चंबल घाटी के लिए जाना जाता है। यहाँ ककोनी और मितावली मंदिर प्रसिद्ध हैं।

33. अशोकनगर

यहाँ का करिला धाम और चंदेरी किला दर्शनीय हैं।

34. चंदेरी

प्रसिद्ध चंदेरी साड़ियों और ऐतिहासिक किलों के लिए जाना जाता है।

35. सागर

यहाँ का भोजपुर झील, सागर विश्वविद्यालय और धार्मिक स्थल लोकप्रिय हैं।

36. दमोह

सिंघपुर और नोहलेश्वर महादेव धार्मिक महत्व के केंद्र हैं।

37. बैतूल

यहाँ मुलताई स्थित है जहाँ से ताप्ती नदी निकलती है।

38. नरसिंहपुर

ब्रह्मचारी बाबा की तपोभूमि और कई पुराने मंदिर यहाँ हैं।

39. नीमच

अफीम उत्पादन के लिए प्रसिद्ध, यहाँ का गांधी सागर बांध भी पर्यटन स्थल है।

40. मण्डला

नर्मदा नदी के किनारे स्थित, यहाँ की आदिवासी संस्कृति खास है।


नए उभरते पर्यटन स्थल

41. देवास

तुलजा भवानी मंदिर और देवास टेकरी पर्यटकों को आकर्षित करती है।

42. सीहोर

शिव मंदिरों और धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध।

43. खजुरी घाट

नर्मदा नदी पर स्थित यह स्थान ध्यान साधना के लिए उपयुक्त माना जाता है।

44. निवाड़ी

यहाँ ओरछा के आस-पास नए पर्यटन स्थलों का विकास हो रहा है।

45. छतरपुर

धार्मिक स्थलों और मंदिरों की अधिकता यहाँ की विशेषता है।


लोकप्रिय झील और जलस्रोत

46. अपर लेक (भोपाल)

देश की सबसे पुरानी मानव निर्मित झीलों में से एक, यहाँ बोटिंग की सुविधा है।

47. रानीताल (जबलपुर)

प्राकृतिक और ऐतिहासिक महत्त्व का स्थल।

48. गाँधी सागर जलाशय

नीमच और मंदसौर जिले में स्थित, यह जलाशय शिवना नदी पर बना है।

49. केन नदी (पन्ना)

इस नदी के किनारे केन घाटी और कई झरने पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

50. हनुवंतिया टापू

इटारसी के पास स्थित, यह मध्य प्रदेश का पहला जल-पर्यटन स्थल है जहाँ वाटर स्पोर्ट्स भी होते हैं।


निष्कर्ष

मध्य प्रदेश का हर कोना इतिहास, संस्कृति, प्रकृति और अध्यात्म का अद्भुत संगम है। चाहे वह प्राचीन मंदिर हों, जंगल सफारी हो या फिर शांत पर्वतीय स्थल — यह राज्य हर प्रकार के पर्यटकों के लिए कुछ न कुछ खास पेश करता है।


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